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पर्यावरण के प्रहरी तुम..

Posted On: 5 Jun, 2014 Others,कविता,Hindi Sahitya में

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पर्यावरण के प्रहरी तुम
कर डालो नन्हें पौधों का रोपण
इन पौधों से ही वृक्ष बनेंगे
तभी तो फलेगा-फूलेगा जीवन

जब होगी हर ओर हरियाली
तभी होगा खुशहाली का वातावरण
प्रकृति की इस मोहक छवि पर ही
निहित इस धरती का आकर्षण

सदियों से करता रहा तू मानव
इन्हीं वृक्षों का पूजन औ वंदन
इन्हीं पे ये कैसा अत्याचार अब
ज़रा सुन ले इनका भी क्रन्दन

पाकर भी इनसे अनमोल उपहार
करता फिर भी नहीं तू मनन
लुटाते तुझपे ये मधुर फल-फूल
सदा ही रखते स्वच्छ पर्यावरण

कभी ना भूल मानव,वृक्ष ही तो
होते हैं इस धरती के आभूषण
इन वृक्षों का मत कर तू शोषण
दूषित वायु भक्षणकर देते नवजीवन

हे, तरुवर, तत्पर अब हम मानव
करते हैं तेरा शत-शत अभिनंदन
रक्षा को तेरी सजग हम वन-उपवन
सौगान्ध हमें,रखेंगे स्वच्छ पर्यावरण

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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Sushma Gupta के द्वारा
June 22, 2014

शोभा जी, आपको मेरी पर्यावरण पर लिखी गई रचना पसंद आई , इस हेतु आपका अति आभार..

Shobha के द्वारा
June 21, 2014

पर्यावरण पर अति सुन्दर कविता शोभा

Sushma Gupta के द्वारा
June 10, 2014

निर्मला जी नमस्कार.. आपके द्वारा प्रेषित प्रसंसनीय प्रतिक्रिया हेतु हार्दिक आभार ..

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
June 9, 2014

करता फिर भी नहीं तू मनन लुटाते तुझपे ये मधुर फल-फूल सदा ही रखते स्वच्छ पर्यावरण कभी ना भूल मानव,वृक्ष ही तो होते हैं इस धरती के आभूषण इन वृक्षों का मत कर तू शोषण, बहुत सुंदर ,सन्देश देती पंक्तियाँ ,हार्दिक बधाई सुष्माजी .

sadguruji के द्वारा
June 8, 2014

सार्थक और शिक्षाप्रद रचना ! इस करुणामय और विचारणीय अभिव्यक्ति के लिए बधाई !

    Sushma Gupta के द्वारा
    June 8, 2014

    सदगुरु जी , आपकी प्रसंसापूर्ण प्रतिक्रिया हेतु हार्दिक आभार सहित धन्यवाद ..

June 7, 2014

right expression .

    Sushma Gupta के द्वारा
    June 8, 2014

    प्रतिक्रिया हेतु हार्दिक आभार शालिनी जी ..

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
June 5, 2014

सदियों से करता रहा तू मानव इन्हीं वृक्षों का पूजन औ वंदन इन्हीं पे ये कैसा अत्याचार अब ज़रा सुन ले इनका भी क्रन्दन आदरणीया सुषमा जी बहुत सुन्दर रचना और आज के दिन महत्वपूर्ण सन्देश भ्रमर ५

deepak pande के द्वारा
June 5, 2014

BAUT KHOOB PARYAVARAN के सजग प्रहरी

    Sushma Gupta के द्वारा
    June 5, 2014

    सार्थक प्रतिक्रिया हेतु हार्दिक आभार दीपक जी..

    Sushma Gupta के द्वारा
    June 6, 2014

    सुरेन्द्र ji ,आपके द्वारा preshit utsaah vardhak pratikriya hetu haardik aabhaar..


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