Sushma Gupta's Blog

Writings and Thoughts of Sushma Gupta

59 Posts

622 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 11910 postid : 755509

बिल्लो रानी [एक बाल कविता]

  • SocialTwist Tell-a-Friend

बिल्लो रानी तुम बड़ी सयानी

दबे पाँव ही खिड़की से आती

दौड़ता मैं जब तुम्हें पकड़ने

गुर्राके आँखें तब दिखलाती

रोज सवेरे मम्मा मुझे जगाती

मुँह धो मेरा कपडे नए पहनाती

दूध-कटोरा ले मुझको पिलाती

जतन बड़े कर माँ मुझे मनाती

दूध पी जाओ जल्दी से मुन्ना

खाना भी खालो जल्दी अपना

नहीं,पूसी सब चट कर जायेगी

बचेगा न कुछ तो भूख सताएगी

बिल्लो रानी छुपके क्यों आतीं हो

क्या माँ के बेलन से तुम डरती हो

प्यारी मम्मा मेरी दूध मुझे पिलाती

पातीं तुम भी जो नन्हे को ले आतीं

दूध तनिक न भाता है मुझको

गाके मीठी सी लोरी माँ पिलाती

पूसी चुपके से तुम पी जाओ जी

बिल्लो, जल्दी मुझे बचाओ जी

खड़ी-खड़ी यूँ आँखें चमकाओ ना

बिल्लो, दोस्त मेरी बन जाओ ना

पलभर दे दो अपना नन्हा मुझको

दूध-भात सभी फिर खा जाओ ना

हुई दोस्ती अब ना आखें दिखलाती

काम पे जाती तो नन्हा मुझे दे जाती

प्यारी बिल्लो अब डरती ना शर्माती

‘प्यार की शक्ति’ सबको जीवन देती

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

6 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
June 21, 2014

बाल कविता की सुन्दर और सहज प्रस्तुति ! सुषमा जी बधाई !!

    Sushma Gupta के द्वारा
    June 22, 2014

    आचार्य गुंजन जी , रचना की प्रसंसापूर्ण प्रतिक्रिया प्रदान करने हेतु हार्दिक धन्यवाद..

Sushma Gupta के द्वारा
June 21, 2014

आ. सदगुरुजी, बहुत -बहुत आभार आपका इस बाल कविता की प्रसंसा हेतु , पर सचमुच बच्चो के कुछ लिखना बड़ा ही मुश्किल है ,क्योंकि लिखते समय स्वयं अपने बचपन में जाना अनिवार्य है ..

sadguruji के द्वारा
June 21, 2014

दूध तनिक न भाता है मुझको गाके मीठी सी लोरी माँ पिलाती पूसी चुपके से तुम पी जाओ जी बिल्लो, जल्दी मुझे बचाओ जी ! वाकई बच्चों को कुछ खिलाना पिलाना बहुत कठिन काम है ! वो माँ ही कर सकती है ! बहुत अच्छी लगी कविता ! बिल्कुल नन्हे शिशुओं की तरह बहुत प्यारी ! आपको बहुत बहुत बधाई !

    Sushma Gupta के द्वारा
    June 21, 2014

    शालिनी जी , इस बाल कविता की प्रसंसा हेतु आपका अति हार्दिक आभार ..

June 21, 2014

बहुत प्यारी बाल कविता सुषमा जी .आभार


topic of the week



latest from jagran