Sushma Gupta's Blog

Writings and Thoughts of Sushma Gupta

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''श्री राम वंदना''

Posted On: 20 Jul, 2014 Others में

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मेरे रोम-रोम में बसने बाले राम जगत के स्वामी हे अंतर्यामी राम इस मन-मंदिर में तुम आ जाओ जिसमे तेरी ही कृपा के दीप जले श्रीरामहरे, श्रीरामहरे, श्रीरामहरे.. भक्तों पे जब भी बिपदा आन पड़े तब तेरी कृपा का अमृत-पान मिले .पल में ही हर ले तू सारी विपदाएँ तेरी पूजा का ही हमें वरदान मिले श्रीरामहरे, श्रीरामहरे, श्रीरामहरे …. तेरे नाम-सुमिरन से सौभाग्य जगे .. तेरे नाम की दौलत अंतमें साथ रहे पर-पीड़ा परोपकार में हम लगे रहें हर दुखी प्राणी में तेरीही छवि दिखे श्रीरामहरे, श्रीरामहरे, श्री राम हरे .

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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Sushma Gupta के द्वारा
August 11, 2014

रंजन जी नमस्कार , आपने ब्लॉग पर आकर अपनी एक सार्थक एवं शुभ प्रतिक्रिया प्रेषित की है, इस हेतु मैं आपकी अति आभारी हूँ ..सधन्यवाद ..

ranjanagupta के द्वारा
August 6, 2014

सुषमा जी !बहुत सुन्दर भावना भी भक्ति भी !सादर !!

sadguruji के द्वारा
August 6, 2014

भेद तेरा कोई क्या पहचाने जो तुझ सा हो, वो तुझे जाने तेरे किये को हम क्या देवे, भले बुरे का नाम. हे रोम रोम में बसने वाले राम….आदरणीया सुषमा गुप्ता जी ! सुप्रभात ! आपकी भक्तिभाव पूर्ण रचना ने मेरे प्रिय भजन की याद दिला दी ! बहुत बहुत आभार !

    Sushma Gupta के द्वारा
    August 11, 2014

    आ.सद्गुरु जी नमस्कार, ‘श्री राम वंदना ‘ के प्रति आपके अनुराग-वचन से मैं अति अनुग्रहित हुई हूँ,इस हेतु आपका हार्दिक आभार व् धन्यवाद..

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
July 21, 2014

हर दुखी प्राणी में तेरी ही छवि दिखे ———बहुत पवित्र स्तुति ,धन्यवाद सुषमा जी

    Sushma Gupta के द्वारा
    July 22, 2014

    आपकी भावातिरेक सराहना हेतु हार्दिक धन्यवाद निर्मला जी..

pkdubey के द्वारा
July 21, 2014

आदरणीया अति सुन्दर प्रातः स्मरणीय राम बंदना | सादर आभार |

    Sushma Gupta के द्वारा
    July 22, 2014

    पी.के. दूबे जी, बंदना को आपने ”प्रातः स्मरणीय राम-बन्दना” कहकर उसकी शोभा को द्विगुणित किया, इस हेतु आपको कोटि- कोटि नमन ..

sanjay kumar garg के द्वारा
July 20, 2014

आदरणीया सुषमा जी, जय श्री राम!

    Sushma Gupta के द्वारा
    July 22, 2014

    संजय कुमार जी, ” जय श्री राम ” के साथ ब्लॉग पर श्री राम बंदना के अबलोकन हेतु हार्दिक आभार…

Shobha के द्वारा
July 20, 2014

सुषमा जी बड़ी मधुर वंदना आपने बड़े मन से लिखी और गायी भी है शोभा

    Sushma Gupta के द्वारा
    July 22, 2014

    शोभा जी, आपकी प्रसंसनीय प्रतिक्रिया द्वारा ” राम बंदना ” को लिखना मुझे सार्थकता प्रदान करता है..साभार..


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